सीखने की ललक
बात
उन दिनो कि है जब मैं राजस्थान के अलवर जिला के राजगढ़ ब्लाक के पेम्वाला गाँव में
प्रथम संस्था के हाइब्रिड लर्निंग इनसाइट सर्वे प्रोग्राम के तहत मॉनिटरिंग करने
के लिए गया था l

गाँव में 2 सर्वेक्षक द्वारा सवेक्षण का कार्य चल रहा था l मैं और
मेरा 1 गणेश शर्मा गाँव पहुंचे; सर्वेक्षक को फोन से बात करने पर उनके बताये स्थान
पर पहुँच गए l सर्वेक्षण का पाँचवा घर में पहुंचे; घर की जानकारी लेने के बाद वंहा
टेस्टिंग के लिए 2 बच्चे मिले जिसकी हमें सामान्य पढाई (भाषा ), गणित व अंग्रेज़ी
की असर टूल से
जाँच लेनी थी l यह जांच कक्षा 4-8 तक के बच्चों के लिए ही थी l वंहा एक बालक कक्षा
4 में व एक बालिका कक्षा 5 में पढ़ती थी l पहला
सर्वेक्षक घर की सामान्य जानकारी घर के मुखियां से पूछकर भर रहा था l दूसरा बालक
की जांच कर रहा था और मैं बालिका जिसका नाम शिवानी था; की असर जांच कर रहा था l
शिवानी नें भाषा टूल में बड़े सरलता से कहानी पढ़ लिया , गणित में 2 घटाव के सवाल आसानी
से कर दिए l मैंने नियमानुसार 1 भाग का सवाल भी करने के लिए दिया l
शिवानी
: मैंने भाग का सवाल करना नहीं सीखा है l
मैं
: (मैंने अनायास हीशिवानी से कहा ) शिवानी
आप भाग कब और किससे सीखोगे ?
शिवानी
: (स्पष्ट और निडरता के साथ) सर अभी सीख जाउंगी और आप सिखायेंगे !
(शिवानी के इस जबाब से मैं बड़ा आश्चर्य
से उसको निहारता रहा)
शिवानी
: सर सिखायेंगे न आप मुझे भाग का सवाल ?
मैं
: हाँ जरुर सिखाऊंगा ; पहले आप ये अंग्रजी के अक्षर पढ़ कर दिखाइये l
शिवानी
: अंग्रेजी के बडे, छोटे अक्षर व शब्द आसानी से पढ़ दी l वाक्य नहीं पढ़ पाई l
जांच ख़त्म हो गई l अब यह मुझे उत्सुकता
भरी नजर से मेरे तरफ देखने लगी l मैं समझ गया की वह क्या सोच रही थी l मैंने
शिवानी से पूछा आपको पहाड़े कान्हा तक आते है ; शिवानी ने कहा 20 तक l मैं उसके
जबाब से खुश था l मैंने शिवानी की कापी मैं एक भाग का सवाल लिखा व शिवानी को भाग सिखाने
लगा l शिवानी पूरे ध्यान से देख व समझ रही थी ; मैंने उसे 2 बार सवाल समझाया l
शिवानी नें कहा अब मैं सवाल कर सकती हूँ l मैंने टूल से 1 सवाल हल करने के लिए
दिया ; धीरे-धीरे उसने सवाल हल कर दिया व पूरा सही किया l
मैंने
उसे असर टूल से ही 8-10 सवाल प्रेक्टिस करने के लिए दिये और कहा की ये पूरे सवाल
आप हल करना , मैं या मेरे साथी इस तरफ आयेंगे तब आपसे ये सवाल फिर से पूछेंगे कि आपने
सवाल सिखा क्या नहीं l
करीब 1 घंटे बाद हम उसके घर के सामने से लौट रहे थे ; शिवानी
के घर की तरफ मेरा ध्यान गया l शिवानी अभी भी कापी में कुछ कर रही थी l मैं मन ही
मन सोच रहा था कि आज शिवानी भाग का सवाल सीखकर ही वंहा से उठेगी l वैसे कहें तो
मैंने उसे नहीं सिखाया; उसने मुझे एक सीख सिखा दी कि ये होती है “सिखने की ललक” l
लेखक
:
श्याम
कुमार कोलारे
प्रोग्राम
एसोसिएट , एच- लर्निंग दौसा इनसाइट सर्वे
दौसा
(राजस्थान )
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